Edufever.com ने हिन्दी भाषियों के लिए हिन्दी दिवस पर लॉंच किया ‘एडुफ़ीवर हिंदी’

edufever hindi's Shahbaz Interview
edufever hindi's Shahbaz Interview

Edufever.com देश की प्रतिष्ठित  शैक्षणिक वेबसाइटों में से एक है जिसने  छात्रों को एक नया मुक़ाम दिया है, पिछले एक साल में एडुफ़ीवरडॉटकाम ने 300 मिलियन से भी ज़्यादा हिट्स प्राप्त किए हैं जो एक सराहनीय उपलब्धि है। एडुफ़ीवर ने हिन्दी भाषियों के लिए हिन्दी दिवस पर ‘Edufever Hindi (एडुफ़ीवर हिंदी)’ की शुरुआत की है, इस सिलसिले में आज हमारे साथ है एडुफ़ीवर में कांटेंट मैनज्मेंट टीम से जुड़े शहबाज़ हसन। जिनसे हम एडुफ़ीवर हिन्दी से जुड़े सवाल पूछेंगे।

बेबाक़: स्वागत है शहबाज़ आपका बेबाक़ के इस नए कार्यक्रम में।

शहबाज़: जी बहुत-बहुत धन्यवाद।

बेबाक़: जैसा कि  हम सभी जानते हैं एडुफ़ीवर बहुत ही कम समय में देश की अग्रणी शैक्षणिक वेबसाइट्स में से एक है, देश ही नहीं विदेशों में भी Edufever के आलेख को पढ़े जाते हैं तो इसे हिन्दी में लॉंच करने के पीछे का क्या कारण  हो सकता है?

शहबाज़: हमारे यूज़र बेस भारत के हर कोने से हैं तथा विदेशों से भी अच्छी ट्रैफ़िक आती है| लेकिन, पिछले 2 सालों में ऐसे कई कमेंट्स (Comments) और  ई-मेल (e-mail) आ रहे थे जिनमे कंटेंट हिन्दी में पब्लिश करने की रिक्वेस्ट की जा रही थी। हम अपने पाठकों का सम्मान करते हैं। Edufever पर उनका विश्वास है और हम उनपर खरा  उतरना चाहते हैं।

बेबाक़: देश में और भी क्षेत्रीय भाषायें हैं, उनके लिए आपके क्या प्लान हैं?

शहबाज़: एडुफ़ीवर हर भारतीय की वेबसाइट है। हमारी कोशिश होगी कि  हम क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसे लॉंच करें। संभव है आने वाले दिनो में आप इसे  बंगाली, तमिल, तेलगु, मराठी इत्यादि भाषाओं में देख सकेंगे ।

बेबाक़: एडुफ़ीवर हिन्दी को लेकर आने वाले दिनो में आपकी क्या योजना है?

शहबाज़: सर्वप्रथम हमारी कोशिश है कि प्रवेश तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अच्छा फ़्रेमवर्क तैयार हो जिससे हिन्दी -भाषी क्षेत्र के सुदूर इलाक़े तक शिक्षा पहुँच पाए। हमारे लिए यह एक अच्छी ख़बर है कि इंटरनेट शिक्षा बहुत ही तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसके ज़रिए हमें लोगों तक पहुँचने में आसानी होगी।

बेबाक़: आप एडुफ़ीवर हिन्दी से कितना उम्मीद रखते हैं, क्या यह हिन्दी भाषियों के दिलों में जगह बना पाएगी?

शहबाज़: देखिए हमारे आंतरिक सर्वे के अनुसार 30 से 35 % यूज़र हिन्दी भाषी प्रदेशों से आते हैं जिन्हें हिंदी में कंटेंट पढ़ना या देखना ज़्यादा अच्छा लगता है तो इस हिसाब से हमें पूर्णतः विश्वास है कि “एडुफ़ीवर हिन्दी” हिन्दी भाषी लोगों को जोड़ पाएगी।

बेबाक़: एडुफ़ीवर हिंदी पर मुख्यतः किन श्रेणी को जगह दी जाएगी?

शहबाज़: एजुकेशनल न्यूज़ से लेकर आर्टिकल, प्रवेश परीक्षा से जुड़े उपडेट, हिंदी में टूटोरीयल इत्यादि मुख्य श्रेणी है, बाद में और भी महत्वपूर्ण चीज़ें जोड़ी जाएगी।

बेबाक़: भविष्य में इंटरनेट के उपयोग पर आपकी क्या राय है?

शहबाज़: इंटरनेट हमारे लिए नए अवसर लेकर आई है, हर रोज़ हज़ारों पाठक हमारी वेबसाइट पर आते हैं और ये आँकड़ा बेहद तेज़ी से बढ़ रहा है।

बेबाक़: शहबाज़ जैसा की हम जानते हैं ज़्यादातर हिंदी भाषी ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, तो उनके लिए एडुफ़ीवर क्या कर रही है?

शहबाज़: सही कहा आपने 70 % से भी ज़्यादा हिन्दी भाषी ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। उनके लिए हमलोग अलग अलग प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं.

उनमे से कुछ प्रोजेक्ट के बारे में मैं आपसे जानकारी साझा कर रहा  हूँ:

ग्रामीण शिक्षा: यह हमारी एक पहल है जिसके  अंतर्गत हमलोग किसानों के ऊपर केंद्रित कोर्स और ट्रेनिंग करवाएँगे।

महिला डिजिटल शिक्षा: यह गूगल के कोलाबोरेशन में चलाया गया अभियान है, जिसे आप जल्द ही लाइव देखेंगे।

बेबाक़: हिन्दी भाषा का  डिजिटल प्रेजेंस भविष्य में कैसा  होगा ?

शहबाज़: इन्टरनेट पर हिन्दी के कंटेंट 1% (एक प्रतिशत) से भी कम है जबकि हिन्दी पढने वाले लोगों की संख्या करोड़ो में है. इस हिसाब से अगर निष्कर्ष निकाला जाए  तो हिन्दी कंटेंट का भविष्य काफी बेहतर है.

भारतीय भाषा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

भारतीय भाषा की तुलना में अंग्रेज़ी कंटेंट

English Vs India Language
अंग्रेज़ी Vs भारतीय भाषा

भारत में इंटरनेट यूज़र (2018 अनुसार)

 

भारत में इंटरनेट यूज़र
भारत में इंटरनेट यूज़र

भारत में संभाभित इंटरनेट यूज़र 2023

internet user growth in india
आने वाले सालों में इंटरनेट यूज़र काफ़ी संख्या में बढ़ रहें हैं

इंटरनेट पर भारतीय भाषा में सामग्री

English Vs India Language
इंग्लिश की तुलना में भारतीय भाषा के कांटेंट सिर्फ़ १ प्रतिशत है।

नोट: सारे इनपुट एडुफ़ीवर हिंदी के टेक्निकल टीम द्वारा गूगल के तरफ़ से लिए गए हैं।

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