भारत जैसा विशाल पृष्ट भूमि मे खाद आपूर्ति जैसे समस्याओ के निदान हेतु सरकार ने जनवितरण प्रणाली P D S (Public distribution system) सिस्टम को जन्म दिया था ताकि कोई भी नागरिक भूखा न सोये परन्तु भ्रष्ट हो चुके शासन व्यवस्था एवम,जागरूकता मे कमी के फलस्वरूप आज ये PDS प्रणाली अपने मकसद  से काफी दूर मालूम प्रतीत होती है |

आपूर्ति विभाग के लापरवाही के कारन आज भरी संख्या मे गरीब परिवार सरकारी आनाज से वंचित हो रहे है |

विभिन्न खाद सुरक्षा योजना के तहत गरीबी रेखा से निचे के परिवारों को चावल,गेहूं,चीनी एवं किरोसिन तेल जेसी आवश्यक  चीजो देने हेतु, ये सरकारी राशन की दुकाने आज अपने मनमानी करते दिख रही है |

मैं एक ग्रामीण क्षेत्र से आता हूँ जब मेनें PDS के बारे में विस्तार से जानना चाहा तो हमें पता चला की ऐसे सेकरो गरीब परिवार है जिनके पास ना तो कोई कार्ड है न ही डीलर अनाज देता है वही ऐसे सेकरो संपन लोगो की  भी कमी नहीं जिनके पास कार्ड है ओर मात्र कुछ रुपये बचाने हेतु वो लोग सरकारी अनाज पे आश्रित हो जाते है वहीं गरीब परिवार आज भी आनाज से वंचित है |

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ग्राहकों का माने तो राशन डीलरों के दुकान पर सरकारी नियमा अनुसार उपभोक्ताओं को सामान नही मिल पाता, सरकारी उदासीनता एवं विभागीय उपेक्षा के फल्सरूप आज ये गरीब मौसम एवं सरकार की दोहरी मारझेल रही है लगभग कई वर्षों से प्रदेश मे वर्षा मे कमी एवं अच्छी पैदावार के अभाव से ये गरीब किसान अपने रोजी रोटी हेतु इन सरकारी दुकानों पर बुरी तरह आश्रित होते है परन्तु पता नहीं क्यों गरीब की आवाज इतनी बुलंद नहीं हो पाती की वो सरकार तक पहुंच सके |

PDS के ऑफिसियल वेबसाइट :

  • www.pdsportal.nic.in

PDS के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :

Public distribution system (PDS) भारतीय सरकार द्वारा Ministry of Consumer Affairs, Food, and Public Distribution के त्वावधान में शुरु की गई योजना है| यह योजना भारत सरकार द्वारा 1997 में शुरु की गई थी|

PDS को रेगुलेट करने वाली संस्था :

  • Food Corporation of India (FDI)
  • State-owned enterprise (SOE)

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