उम्र बढ़ने के साथ-साथ मनुष्य शरीर ढेर बीमारियों को निमंत्रण देना शुरु कर देता हैं| चाहे मधुमेह की शिकायत हो या फिर हाई कोलेस्ट्रोल से जन्मी परेशानी, एक उम्र के बाद हमारा शरीर इन तमाम विकारों का आसानी से शिकार बन जाता है| इन समस्याओं में गठिया की बीमारी भी अहम् हैं| गठिया एक ऐसी बीमारी हैं जो उम्र बढ़ने के साथ किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती हैं| खासकर मिडिल एज एवं वृद्ध लोगो में इसकी परेशानी बहुत ज्यादा दिखाई देती हैं| यह सही हैं की जोड़ प्रत्यारोपण उम्र बढ़ने के साथ जोड़ो के क्षतिग्रस्त हुए कार्टिलेज की समस्या को दूर करने का कारगर उपाय हैं, लेकिन हर मामलो में इसकी जरुरत नहीं होती|

प्रस्तुत लेख के माध्यम से हमारे हेल्थ एक्सपर्ट ने कुछ ऐसे विकल्पों को समझाने की कोशिश की हैं जो भविष्य में आपको इन समस्याओं में काफी राहत पंहुचा सकती हैं| आइये डालते है एक नज़र :

क्या है गठिया के लक्षण

साधारणतया गठिया रोग में घुटनों एवं जोड़ो में तेज़ दर्द होने की शिकायत होती हैं जो आपको कहीं भी उठने बैठने में दिक्कत पैदा कर सकती है| परन्तु ये कुछ सामान्य लक्षण आपको गठिया के संकेत दे सकते हैं

  • जोड़ों में दर्द एवं सूजन का बना रहना.
  • जोड़ों का विकारग्रस्त होना एवं सीढियाँ चढ़ने एवं उतरने में परेशानी होना.
  • जोड़ों में दर्द एवं अकडन की शिकायत होना.

सामान्य रूप में गठिया रोग में किसी भी प्रकार की दवाइयों का उपयुक्त असर नहीं होता. गठिया कई प्रकार की हो सकती है जिनमे ऑस्टियो आर्थराइटिस प्रमुख हैं. हालाँकि नी (Knee) रिप्लेसमेंट या जोड़ प्रत्यारोपण इसका कारगर इलाज हो सकता हैं परन्तु नीचे दिए गए कुछ विकल्पों की मदद से आप भविष्य में होने वाले आर्थराइटिस में बिना नी रिप्लेसमेंट के ही काफी हद तक बचे रह सकते हैं|

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विकल्प :

1. गठिया रोग के प्रारंभिक चरण में आप फिजियोथेरेपी एवं व्यायाम का सहारा ले सकते हैं| ऐसा करने से न सिर्फ आपको राहत मिलेगी वरन आपके मर्ज को भी दूर किया जा सकेगा|
2. आप इंटर आर्टिकुलर इंजेक्शन का भी सहारा ले सकते हैं. विभिन्न तरीके से दिए जाने वाले इस इंजेक्शन से आपको काफी हद तक राहत मिल सकती हैं|

3. आप आर्थोस्कोपिक सर्जरी के जरिये दूरबीन के सहारे जोड़ो को दर्द रहित और गतिशील भी बना सकते हैं|
4. क्षतिग्रस्त जोड़ो को ऑस्टियोटमी विधि के जरिये जोड़ के विभिन्न भागो में होने वाले दर्द एवं दवावों को कम कर गठिया रोग से राहत पा सकते हैं|
5. यदि बात ज्यादा बढ़ जाये तो आप आंशिक प्रत्यारोपण का भी सहारा ले सकते हैं. ध्यान दे जब जोड़ का आंशिक भाग ही क्षतिग्रस्त हुआ हो उस वक़्त आप आंशिक प्रत्यारोपण का फायदा उठा कर इस रोग से राहत पा सकते हैं|

आशा करते हैं आपको हमारा ये प्रयास पसंद आया होगा, सलाह और सुझाव के लिए नीचें दिये गए कमेंट बॉक्स में लिखें |

 

फोटो साभार: laniertentrenta

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