Test tube baby वर्ष 2010 में फिजियोलॉजी(Physiology) एवं मेडिकल साइंस में नोबेल द्वारा सम्मानित रोबर्ट एडवर्ड द्वारा विकसित तकनीक हैं| आज IVF पद्धिति लाखो दम्पतियों के लिए एक आस की किरण बन गयी हैं| इन विट्रो फर्टिलाइजेशन(IVF) या Test tube baby प्रेगनेंसी में सहायता के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सबसे प्रभावी असिस्टेड री-प्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी(ART) हैं|

कई बार महिलाए फलेपियन ट्यूब के बंद या चोटिल हो जाने, ओवुलेसन(Ovulation) डिसऑर्डर या जेनेटिकली(Genetically) डिसऑर्डर(अनुवांशिक विकार) की वजह से प्राकृतिक रूप से गर्भधारण नहीं कर पाते हैं| कई मामलो में पुरुषो के स्पर्म काउंट(Sperm count) कम हो जाने के वजह से भी ऐसी समस्या हो जाती हैं| ऐसे मामलो में IVF पद्धति का सहारा लिया जाता हैं, ये प्रक्रिया कुल पांच चरणों में होती हैं:

(1) पहला चरण:  इस प्रक्रिया में महिलाओ को पहले दो हफ्ते तक लगातार सप्प्रेसिव(Supressive) इंजेक्शन देकर, प्राकृतिक रूप से होने वाले मासिक चक्र(पीरियड्स) को दबा दिया जाता हैं|

(2) दूसरा चरण:  इस चरण में प्रजनन होर्मोन Folical stimulating Hormone को बढ़ावा देने वाली दवाए दी जाती हैं| इससे सामान्य से ज्यादा अंडाणु(Eggs) बनने लगते हैं| इस दौरान अल्ट्रासाउंड की पुरी प्रक्रिया को निगरानी में रखा जाता हैं|

(3) तीसरा चरण: बेहद छोटे ऑपरेशन द्वारा ओवरिस(Ovaries) के एग्स को इक्कठा किया जाता हैं| ये प्रक्रिया सावधानी पुर्वक कई बार दोहराई जाती है जिससे की एग्स काउंट(Eggs count) को बढाया जा सका|

इसे भी पढ़ें : गर्ववती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सावधानियाँ

(4) चौथा चरण: इकठ्ठा किये गए अंडाणुओ(Eggs) को प्रमुख शुक्राणु(Sperm) के साथ Natural तरीके से नियंत्रित चैम्बर में एक साथ रख दिया जाता हैं| कुछ घंटो के बाद स्पर्म एग्स में इंजेक्ट होने लगते हैं| इस प्रक्रिया को Endocytoplasmic स्पर्म इंजेक्शन कहते हैं| इस प्रकार Fertilised एग्स भ्रूण बन जाते हैं| इसमें से एक दो सबसे स्वस्थ्य भ्रूण को बाद में गर्भाशय में प्रत्यारोपित कर दिया जाता हैं|

(5) पांचवा चरण: चुने हुए एक या दो भ्रूण को कैथेटर द्वारा गर्भ में प्रत्यारोपित किया जाता है| इस दौरान महिलाओ को कुछ दवाए भी दी जाती है| निश्चित रूप से IVF या Test tube Baby पद्धति उन तमाम लोगो के लिए एक मील का पत्थर साबित हुइ है जो निशंतान होने के वजह से अपनी सारी आस खो चुके थे|

कैसे करे Test tube Baby का चुनाव:

IVF टेक्नोलॉजी उन महिलाओं के लिए काफी लाभदायक हो सकती हैं जो लगातार Unprotected सेक्स करते रहने के बावजूद भी माँ नहीं बन पा रही हैं. आप भी निम्नलिखित परिश्थितियों में Test tube Baby से माँ बनने का चुनाव कर सकते हैं.

(i) यदि पति अथवा पत्नी में से कोई किसी सेक्स समस्या से पीड़ित होने के वजह से संतान सुख से वंचित हैं|

इसे भीं पढ़े: अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का रखें खास ख़याल (खान-पान)

(ii) यदि किसी चोट अथवा आतंरिक घाव के वजह से महिलाओ के Fallopian Tube का रास्ता बंद हो गया है.
(iii) यदि जेनेटिक डिसऑर्डर के वजह से पुरुष में स्पर्म काउंट की कमी हो.

Test tube Baby की सफलता दर:

विभिन्न आयु वर्ग के महिलाओं में Test tube Baby  पद्धिति के सफलता के चांसेस.
(i) 35 वर्ष से कम आयु के महिलाओं में टेस्ट ट्यूब बेबी द्वारा संतान जनने की सफलता दर 40 से 45 % तक देखी गयी है.
(ii) 35 से 37 वर्ष के आयु वर्ग से सम्बंधित महिलाओं में IVF की सक्सेस रेट 30 से 35 % तक देखी  गयी हैं.
(iii) 38 से 40 आयु वर्ग से सम्बंधित महिलाओं में सफलता दर 23 से 27 % तक देखी गयी हैं.
(iv) 41 साल से ऊपर के आयु की महिलाओं में IVF द्वारा बच्चा जनने की संभावना लगभग 15 से 20 % तक देखी  गयी हैं.

हिंदी खबर से जुड़े अन्य अपडेट लगातार पानेे के लिए हमें फेसबुक ,गूगल प्लस और  ट्विटर पर फॉलो करे|

4 COMMENTS

  1. Hi i am manisha, gender female ,क्या मै मेरी girlfriend को टेस्ट ट्यूब द्वारा बेबी दे सक्ती हू क्या, mera khud ka baby सिर्फ हमारे दोनो का

  2. Hi i am manisha, gender female ,क्या मै मेरी girlfriend को टेस्ट ट्यूब द्वारा बेबी दे सक्ती हू क्या.

  3. Wow, good one… Informative blog… Plz add LH role and total time during entire steps..
    Success rate???
    Only 01 embryo is used…
    Thank you Dr Prius

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here